कम खाने के बाद भी वजन क्यों नहीं घट रहा और तोंद लटकती जा रही है? जाने इसके पीछे का असली कारन

कम खाना खाने के बाद भी वजन क्यों बढ़ता है? जानें इसके कारण और समाधान

अगर आपका वजन बढ़ रहा है और पेट के इर्द-गिर्द चर्बी जमा हो रही है, तो इसका मतलब है कि कुछ आंतरिक कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

अक्सर लोग मोटापे को कम करने के लिए डायटिंग, वर्कआउट या इंटरनेट के हैक्स का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी परिणाम नहीं मिलते।

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि वजन बढ़ने के पीछे कौन से हार्मोनल इंबैलंस और अन्य कारण हो सकते हैं, और इसके समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

वजन बढ़ने के प्रमुख कारण

वजन बढ़ने और पेट के आसपास चर्बी जमा होने के कई कारण हो सकते हैं। कम खाना खाने के बाद भी मोटापा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल इंबैलंस हो सकता है। इसमें प्रमुख भूमिका निभाता है इंसुलिन

इंसुलिन और वजन बढ़ने का कनेक्शन

इंसुलिन एक प्रमुख हार्मोन है, जो आपके शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है। जब हम खाते हैं, तो शुगर हमारे रक्तप्रवाह में जाती है, और इंसुलिन उसे हमारी कोशिकाओं तक पहुँचने में मदद करता है, ताकि शरीर को ऊर्जा मिले।

लेकिन, जब शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस (insulin resistance) हो जाता है, तो इंसुलिन का काम सही से नहीं हो पाता। इसका मतलब यह है कि शुगर आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुँच पाती और रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण, शरीर को फैट जमा करने का संकेत मिलता है, खासकर पेट के आस-पास। यही कारण है कि पेट की चर्बी बढ़ने लगती है और वजन कम करने में भी समस्या आती है।

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इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण होने वाली शुगर क्रेविंग्स

जब इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता है, तो शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है, और आपको शुगर क्रेविंग्स (sugar cravings) भी महसूस होने लगती हैं। यह भी एक और कारण है कि हम ज्यादा खा लेते हैं, और शरीर में अधिक फैट जमा होने लगता है।

पेट के आस-पास चर्बी जमा होने के अन्य कारण

इंसुलिन के अलावा, कुछ अन्य हार्मोन भी वजन बढ़ने और पेट की चर्बी बढ़ने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। जैसे कि:

  1. थायरॉइड इम्बैलंस: जब थायरॉइड हार्मोन कम या ज्यादा होता है, तो यह आपके मेटाबोलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।
  2. कोर्टिसोल: यह स्ट्रेस हार्मोन है, और अधिक कोर्टिसोल के कारण शरीर में फैट जमा हो सकता है, खासकर पेट के आसपास।
  3. लेप्टिन और घ्रेलिन: ये भूख और संतुष्टि को नियंत्रित करने वाले हार्मोन हैं। इनके असंतुलन के कारण अधिक खाने की प्रवृत्ति हो सकती है।

वजन घटाने के लिए सही कदम

  1. इंसुलिन को नियंत्रित करें: एक सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज के माध्यम से इंसुलिन रेजिस्टेंस को नियंत्रित किया जा सकता है।
  2. पोषक तत्वों से भरपूर डाइट: ऐसी डाइट अपनाएं, जो पका हुआ खाना, फाइबर, प्रोटीन, और अच्छे फैट से भरपूर हो। यह आपकी शुगर क्रेविंग्स को कम करने में मदद करेगा।
  3. स्ट्रेस को कम करें: योग और ध्यान से कोर्टिसोल के स्तर को कम किया जा सकता है।
  4. नियमित व्यायाम: कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से फैट बर्न किया जा सकता है और मेटाबोलिज्म को बढ़ाया जा सकता है।

निष्कर्ष:

वजन बढ़ने के पीछे सिर्फ कम खाना या ज्यादा खाना नहीं है, बल्कि हार्मोनल इम्बैलंस और अन्य आंतरिक कारण भी होते हैं। इसे समझकर सही कदम उठाए जा सकते हैं।

अगर आप भी कम खाने के बावजूद वजन घटाने में असफल हो रहे हैं, तो ऊपर बताए गए कारणों और समाधान को ध्यान में रखें।

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